11-Aug-2025
कपाल भाति – आत्मशुद्धि और आंतरिक ऊर्जा का प्रबल अभ्यास
योगाचार्य ढाकाराम

“कपाल” का अर्थ है ललाट (माथा) और “भाति” का अर्थ है चमकाना या माँजना। अतः कपाल भाति एक ऐसा योगाभ्यास है जो ललाट को चमकदार एवं स्वच्छ बनाता है।

- आसन:
- पद्मासन, अर्धपद्मासन या सुखासन (पालथी) में बैठें।
- कमर, पीठ और गर्दन सीधी रखें। दोनों नितंबों पर समान वजन हो।
- शरीर को तनावमुक्त रखें। पेट की मांसपेशियाँ शिथिल एवं सीना फुला हुआ हो।
- हस्त मुद्रा:
- दोनों हाथ घुटनों पर ज्ञान मुद्रा, चिन मुद्रा या आदि मुद्रा में रखें।
- श्वास प्रक्रिया:
- आँखें कोमलता से बंद करें, अंतर्मुखी हो जाएँ।
- फेफड़ों में पूरी श्वास भरकर, उदर को संकुचित करते हुए श्वास को झटके से बाहर फेंकें।
- पेट को ढीला छोड़ते ही श्वास स्वतः भीतर आएगी।
- ध्यान दें: श्वास छोड़ना सक्रिय (वेगपूर्वक) और लेना निष्क्रिय (स्वतः) हो।
- समापन:
- 4 मिनट तक अभ्यास के बाद, श्वास सामान्य करें।
- 1 मिनट तक आँखें बंद रखकर शरीर व श्वास का निरीक्षण करें।

लाभ (Benefits)
- चेहरे पर तेज व कांति आती है।
- रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है; वात, पित्त, कफ संतुलित होते हैं।
- पेट के अंगों (यकृत, तिल्ली, आँत) का मसाज होकर कार्यक्षमता बढ़ती है।
- मधुमेह (डायबिटीज) में लाभकारी।
- पेट की अतिरिक्त चर्बी कम होती है।
- शारीरिक व मानसिक प्रसन्नता बढ़ती है।
सावधानियाँ (Precautions)
- गति: प्रारंभ में 40–60 बार/मिनट की गति से करें; धीरे-धीरे 120 बार/मिनट तक बढ़ाएँ।
- आसन: जमीन पर बैठने में कठिनाई हो तो मसनद/कुर्सी का प्रयोग करें। कमर-गर्दन सीधी रखें।
- समय: 3–4 मिनट तक करें। सामर्थ्यानुसार रुकें।
- तनाव: श्वास छोड़ते समय चेहरे पर खिंचाव न आने दें। उदर संकुचन सामान्य बल से करें।
- विशेष: कमर दर्द वाले धीरे-धीरे अभ्यास करें।
निषेध (Contraindications)
इन स्थितियों में अभ्यास न करें:
- उच्च/निम्न रक्तचाप, हृदय रोग, चक्कर आना (Vertigo)।
- हर्निया, नकसीर, गैस्ट्रिक अल्सर।
- गर्भावस्था, मासिक धर्म के दौरान।
- गर्भाशय या फेफड़ों की कमजोरी।
योगाचार्य ढाका राम
संस्थापक, योगापीस संस्थान

Yogacharya Dhakaram
Yogacharya Dhakaram, a beacon of yogic wisdom and well-being, invites you to explore the transformative power of yoga, nurturing body, mind, and spirit. His compassionate approach and holistic teachings guide you on a journey towards health and inner peace.