सुबह के लिए सही पात्र और जल का चयन क्यों आवश्यक है

सुबह के लिए के लिए पात्र का महत्व
सुबह का पानी केवल पानी पीने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि शरीर को प्रकृति के अनुरूप संतुलित करने की एक सरल योगिक विधि है। सही पात्र और सही तापमान का पानी इसके लाभों को कई गुना बढ़ा देता है।
गर्मियों में सुबह के लिए सर्वोत्तम पानी
गर्मियों के दिनों में मटके का पानी उषा पान के लिए सबसे श्रेष्ठ माना गया है।
हमारा शरीर पाँच तत्वों — पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश — से मिलकर बना है।
मटका मिट्टी (पृथ्वी तत्व) से बनता है और उसे अग्नि तत्व से पकाया जाता है।
जब उसमें पानी रखा जाता है, तो उसमें पाँचों तत्वों का संतुलित समावेश हो जाता है।
इसी कारण मटके का पानी शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी, शीतल और पाचन-अनुकूल होता है।


सर्दियों में उषा पान के लिए उपयुक्त पात्र
सर्दियों में तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी उषा पान के लिए सबसे उपयुक्त होता है।
रात में तांबे के बर्तन में पानी भरकर छोड़ दें और सुबह उठकर वही पानी पिएं।
यदि आप इसका अधिक लाभ लेना चाहते हैं, तो निम्न बातों का ध्यान रखें:
- तांबे के बर्तन को लकड़ी के पाटे पर रखें, जिससे पृथ्वी और बर्तन के बीच कुचालक का कार्य हो।
- ऊपर से जाली लगाकर खुले स्थान में रखें, ताकि चंद्रमा की किरणें उस पर पड़ सकें।
तांबा स्वाभाविक रूप से जल को स्वच्छ, शुद्ध और ऊर्जावान बनाने की क्षमता रखता है।
यदि तांबे का बर्तन उपलब्ध न हो
यदि तांबे का बर्तन उपलब्ध न हो, तो काँच के बर्तन का उपयोग किया जा सकता है।
लेकिन प्लास्टिक की बोतल का उपयोग कभी नहीं करना चाहिए।
आप स्वयं एक छोटा-सा प्रयोग कर सकते हैं—
रात में एक काँच और एक प्लास्टिक की बोतल में पानी भरकर रखें।
सुबह आप पाएँगे कि प्लास्टिक की बोतल के पानी में गंध आने लगती है, जबकि काँच का पानी शुद्ध रहता है।


गुनगुने पानी का प्रयोग — सही दृष्टिकोण
कुछ लोग मानते हैं कि उषा पान के लिए गुनगुना पानी ही लेना चाहिए।
मेरे मतानुसार, सामान्य तापमान का पानी ही सर्वोत्तम है।
गुनगुने पानी की आदत शरीर को उस पर निर्भर बना देती है,
जबकि हर परिस्थिति में गुनगुना पानी उपलब्ध नहीं हो पाता।
हाँ, सर्दी, जुकाम या खांसी की स्थिति में गुनगुने पानी का उपयोग किया जा सकता है।
उषा पान के प्रमुख लाभ
उषा पान करने से:
- पाचन तंत्र सुदृढ़ रहता है
- कब्ज, अत्यधिक अम्लता (एसिडिटी) और अपच में राहत मिलती है
- पेट से संबंधित लगभग सभी समस्याओं में लाभ मिलता है
उषा पान एक सरल, प्राकृतिक और प्रभावी स्वास्थ्य साधना है।
सावधानियां
यदि आप एक बार में अधिक पानी नहीं पी सकते,
तो थोड़ी मात्रा से शुरुआत करें और धीरे-धीरे मात्रा बढ़ाएं।
शरीर की क्षमता और सहजता का ध्यान रखना आवश्यक है।
आप सभी खुश रहें, मस्त रहें और आनंदित रहें।
योगाचार्य ढाकाराम
संस्थापक, योगापीस संस्थान










