Skip to main content
24-Nov-2025

शांत मन, स्वस्थ जीवन: तीन प्रभावशाली प्राणायाम

योगाचार्य ढाकाराम

हरि ओम।
हरि ओम आप सभी को हमारा मुस्कुराता हुआ नमस्कार। कहते हैं मुस्कुराहट के बिना कुछ नहीं है इसलिए हमेशा मुस्कुराते रहना चाहिए। “एक कदम स्वास्थ्य से आनंद की ओर” इस श्रृंखला में आपका स्वागत है।

आज हम चर्चा करेंगे तीन विशेष प्राणायामों की,
जो मन की शांति और स्वस्थ जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी हैं —
कपालभाति, भस्त्रिका, और अनुलोम-विलोम प्राणायाम


शरीर के तीन मुख्य भाग और प्राणायाम का प्रभाव

हमारे शरीर को यदि तीन प्रमुख हिस्सों में बाँटें —

  • सिर (मस्तिष्क)
  • छाती (फेफड़े, हृदय)
  • पेट (पाचन तंत्र)

तो इन तीनों प्राणायामों का असर क्रमशः इन तीन अंगों पर पड़ता है:

प्राणायामप्रभाव का क्षेत्र
कपालभातिपेट (पाचन तंत्र)
भस्त्रिकाछाती (फेफड़े व हृदय)
अनुलोम-विलोममस्तिष्क व मन (नाड़ी शुद्धि)

कपालभाति प्राणायाम

लाभ:

  • पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है।
  • पेट के अंगों की मालिश होती है।
  • श्वसन प्रणाली की शुद्धि करता है।

विधि:

  • सुखासन, पद्मासन या स्वास्तिक में बैठें।
  • प्राण मुद्रा में हाथ रखें (सर्वोत्तम विकल्प)।
  • आँखें बंद करें। श्वास को झटके से बाहर निकालें।
  • हर श्वास निष्कासन पर पेट अंदर की ओर स्वतः खिंचता है।
  • कम से कम 4–5 मिनट करें।
  • अंत में 1 मिनट विश्राम करें और शरीर का निरीक्षण करें।

सावधानियाँ:

  • गर्भवती महिलाएं, माहवारी के दौरान, अल्सर, हर्निया, कमर दर्द या पेट ऑपरेशन के बाद न करें।

भस्त्रिका प्राणायाम

लाभ:

  • फेफड़ों और हृदय की कार्यक्षमता बढ़ाता है।
  • शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाता है।
  • मन को शांत करता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।

विधि:

  • पद्मासन या कोई भी आरामदायक आसन लें।
  • दोनों हाथों को श्वास भरते समय सिर के ऊपर ले जाएं।
  • श्वास छोड़ते हुए हाथों को जांघों पर ले आएं।
  • आंखें बंद रखें और यह प्रक्रिया कम से कम 4 मिनट करें।
  • बाद में 1 मिनट विश्राम और अवलोकन करें।

अनुलोम-विलोम प्राणायाम

लाभ:

  • मस्तिष्क को शीतलता और शांति प्रदान करता है।
  • एकाग्रता, स्मरण शक्ति, तनाव, माइग्रेन, रक्तचाप आदि समस्याओं में लाभकारी।
  • मानसिक संतुलन और स्थिरता लाता है।

विधि:

  • किसी भी आरामदायक आसन में बैठें।
  • नासिका मुद्रा (अंगूठा और अनामिका से) बनाएं।
  • दायीं नासिका बंद कर बायीं से श्वास लें → दायीं से निकालें → फिर दायीं से लें → बायीं से निकालें।
  • यह चक्र दोहराते रहें।
  • समाप्ति बायीं नासिका से श्वास बाहर निकाल कर करें।
  • बाद में विश्राम करें और परिवर्तन महसूस करें।

निष्कर्ष: योगमय जीवन की ओर

  • जीवन में योग और प्राणायाम को अपनाएं।
  • नियमित अभ्यास से मन, शरीर और आत्मा तीनों में संतुलन आता है।
  • यह तीन प्राणायाम मन को स्थिरता और भीतर की शांति देते हैं।

प्रिय मित्रों,
आपका हृदय से धन्यवाद, हमेशा मुस्कुराते रहें, आनंदित रहें।
स्वस्थ जीवन की ओर हर दिन एक कदम आगे बढ़ाएं।


योगाचार्य ढाका राम
संस्थापक, योगापीस संस्थान

Yogacharya Dhakaram
Yogacharya Dhakaram, a beacon of yogic wisdom and well-being, invites you to explore the transformative power of yoga, nurturing body, mind, and spirit. His compassionate approach and holistic teachings guide you on a journey towards health and inner peace.