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23-Mar-2026

घुटनों में दर्द होने पर वज्रासन कैसे करें – आसान विधि व लाभ

योगाचार्य ढाकाराम

प्यारे मित्रों,
आप सभी को हमारा मुस्कुराता हुआ नमस्कार।

“एक कदम स्वास्थ्य से आनंद की ओर” लेख-श्रृंखला में आप सभी का हार्दिक स्वागत है।

आज का विषय है — घुटनों में दर्द होने पर वज्रासन कैसे करें
पिछले भाग में हमने जाना कि वज्रासन हमारे पाचन तंत्र को मजबूत करता है।
आज हम समझेंगे कि यह आसन पाचन को कैसे सशक्त बनाता है और यदि किसी को घुटनों में दर्द है, तो वह प्रॉप्स (सहायक वस्तुओं) की सहायता से वज्रासन को सुरक्षित व आरामदायक रूप से कैसे कर सकता है।

वज्रासन पाचन तंत्र को कैसे मजबूत करता है

ऐसा कहा गया है कि हमारे नितंबों के ऊपर वज्र नाड़ी स्थित होती है।
जब हम वज्रासन में बैठते हैं, तो एड़ियों के दबाव से यह नाड़ी सक्रिय हो जाती है।

यह नाड़ी हमारी बड़ी आंत (Large Intestine) से जुड़ी मानी जाती है।
वज्र नाड़ी के सक्रिय होने से पाचन तंत्र में जागृति आती है और उसकी कार्यक्षमता बढ़ती है।

इसके अतिरिक्त, वज्रासन करने पर पैरों और जांघों में रक्त प्रवाह कुछ कम हो जाता है,
जिससे पेट के क्षेत्र में रक्त संचार बढ़ता है।
यही कारण है कि वज्रासन को पाचन के लिए अत्यंत लाभकारी आसन माना गया है।

घुटनों में दर्द होने पर वज्रासन कैसे करें (Using Props)

यदि आपके घुटनों में दर्द है, तो चिंता की आवश्यकता नहीं है।
आप वज्रासन को तकिया, मसनद या कंबल जैसे प्रॉप्स की सहायता से बहुत आराम से कर सकते हैं।

विधि 1: छोटे मसनद के साथ

  1. एक छोटा गोलाकार मसनद लें।
  2. वज्रासन की स्थिति में बैठें।
  3. मसनद को दोनों टखनों के नीचे रखें।
  4. कमर सीधी रखें और दोनों एड़ियाँ आपस में मिलाएँ।
  5. आँखें बंद करें और कुछ समय श्वास-प्रश्वास पर ध्यान केंद्रित करें।

विधि 2: मसनद और तकिए के साथ

  1. सबसे पहले दंडासन में बैठें।
  2. फिर धीरे-धीरे वज्रासन की स्थिति में आएँ।
  3. छोटा मसनद टखनों के नीचे रखें।
  4. पिंडलियों और जांघों के बीच एक तकिया रखें।
  5. अब अनुभव करें — घुटनों पर दबाव कम होगा और आसन अधिक आरामदायक लगेगा।

👉 यदि आपके पास मसनद उपलब्ध नहीं है, तो आप तकिया, कंबल या मुड़ी हुई बेडशीट का भी उपयोग कर सकते हैं।

वज्रासन के लाभ

• पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है।
• अपच, गैस, एसिडिटी और पेट फूलने जैसी समस्याओं से राहत देता है।
• भोजन के बाद बैठने से भोजन को सही ढंग से पचने में सहायता मिलती है।


सावधानियाँ

• जिनके घुटनों में दर्द है, वे यह आसन प्रॉप्स की सहायता से ही करें।
• आसन में बैठते समय कमर को सीधा रखें।
• भोजन के तुरंत बाद अभ्यास करें, परंतु अधिक देर तक न बैठें।


खाना खाने के बाद कुछ समय वज्रासन में बैठना
एसिडिटी, गैस और पेट फूलने जैसी समस्याओं का एक सरल, सुरक्षित और प्राकृतिक समाधान है।

तो प्यारे मित्रों,
आप सभी को सत-सत नमन।
हमेशा खुश रहें, मस्त रहें और आनंदित रहें।

योगाचार्य ढाकाराम
संस्थापक – योगापीस संस्थान

Yogacharya Dhakaram
Yogacharya Dhakaram, a beacon of yogic wisdom and well-being, invites you to explore the transformative power of yoga, nurturing body, mind, and spirit. His compassionate approach and holistic teachings guide you on a journey towards health and inner peace.