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08-Dec-2025

ऑफिस में बैठने से होने वाली गर्दन व कंधे की जकड़न का सरल समाधान

योगाचार्य ढाकाराम

हरि ओम आप सभी को हमारा मुस्कुराता हुआ नमस्कार।
“एक कदम स्वास्थ्य से आनंद की ओर” कार्यक्रम में आप सभी का स्वागत है।

ऑफिस में बैठने से उत्पन्न सामान्य समस्याएं

  • जब आप ऑफिस में लंबे समय तक बैठते हैं, तो अक्सर:
    • कंधों में जकड़न
    • गर्दन में दर्द
  • लैपटॉप, मोबाइल या डेस्क वर्क के दौरान झुके हुए कंधे और गर्दन इस समस्या को बढ़ाते हैं।

समाधान – सही बैठने की विधि

  • बैठने की स्थिति:
    • कुर्सी या सोफे के किनारे पर बैठें।
    • दोनों हाथों की उंगलियों को पीठ के पीछे ले जाकर आपस में फंसाएं (Interlock करें)।
    • हाथों की कलाई को कुर्सी के डंडे पर रखें।
    • छाती आगे की ओर फूली रहे और कमर सीधी बनी रहे।
  • ध्यान देने योग्य बातें:
    • कलाई और उंगलियों के बीच का हिस्सा ही कुर्सी पर रखें।
    • कलाई की हड्डी को कुर्सी पर रखने से बचें, इससे दर्द हो सकता है।
    • यदि कलाई में दर्द हो, तो उसके नीचे तौलिया रखें।
    • सोफे पर करने पर तौलिये की आवश्यकता नहीं होगी।

अभ्यास के दौरान क्या करें

  • शरीर को तनावमुक्त रखें।
  • अभ्यास तब तक करें जब तक कंधों में हल्का दर्द न हो।
  • फिर धीरे-धीरे हाथ नीचे लाकर जांघों पर रखें।
  • आंखें बंद करें और शरीर में होने वाले परिवर्तन को महसूस करें।

अभ्यास का महत्व

  • किसी भी प्राणायाम या आसन के दौरान:
    • आंखें बंद कर शरीर पर प्रभाव को महसूस करें।
    • इससे मांसपेशियों में तनाव नहीं रहता और वे शिथिल हो जाती हैं।

नियमित अभ्यास के लाभ

  • लंबे समय तक झुकी स्थिति में बैठने से बचाव।
  • नियमित अभ्यास से:
    • सर्वाइकल से राहत
    • फ्रोजन शोल्डर की रोकथाम
    • कंधे की जकड़न में आराम
  • जो पहले से इन समस्याओं से ग्रस्त हैं, उन्हें भी लाभ मिलेगा।

प्यारे मित्रों,

  • केवल इसे पढ़ना नहीं है, नियमित अभ्यास भी करना है
  • हमारे साथ जुड़े रहें और अपने स्वास्थ्य का लाभ लेते रहें।

आप सभी को सत-सत नमन।
खुश रहें, मस्त रहें और आनंदित रहें।

योगाचार्य ढाका राम
संस्थापक, योगापीस संस्थान

Yogacharya Dhakaram
Yogacharya Dhakaram, a beacon of yogic wisdom and well-being, invites you to explore the transformative power of yoga, nurturing body, mind, and spirit. His compassionate approach and holistic teachings guide you on a journey towards health and inner peace.