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09-Feb-2026

उषा पान — पेट की बीमारियों का समाधान (भाग 2)

योगाचार्य ढाकाराम

प्यारे मित्रों, आप सभी को हमारा मुस्कुराता हुआ नमस्कार।
“एक कदम स्वास्थ्य से आनंद की ओर” आर्टिकल सीरीज़ में आप सभी का स्वागत है।

आप सभी कैसे हैं?
मैं मानता हूं कि आप सभी अच्छे हैं — अगर आप रोज़ योगासन करते हैं।
रोज़ योगासन करने से हमारे अंदर सकारात्मक ऊर्जा भरी रहती है।

उषा पान क्या है?

पिछली बार हमने उषा पान के बारे में बात की थी।
आज हम आपको बताएंगे कि उषा पान कैसे करना चाहिए और किस प्रकार का पानी सबसे उपयुक्त होता है।

गर्मियों में उषा पान के लिए

गर्मियों के दिनों में मटके का पानी उषा पान के लिए सबसे श्रेष्ठ होता है।
हमारा शरीर पाँच तत्वों — पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश — से मिलकर बना है।

मटका मिट्टी (पृथ्वी तत्व) से बनता है और उसे अग्नि तत्व से पकाया जाता है।
जब हम मटके में पानी रखते हैं, तो उसमें पाँचों तत्वों का समावेश हो जाता है —
इसलिए मटके का पानी शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी होता है।

सर्दियों में उषा पान के लिए

सर्दियों में तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी सबसे उपयुक्त होता है।
रात में तांबे के बर्तन में पानी भरकर छोड़ दें और सुबह उठकर वही पानी पिएं।

यदि आप इसका अधिक लाभ लेना चाहते हैं, तो:

  • तांबे के बर्तन को लकड़ी के पाटे पर रखें (यह पृथ्वी और बर्तन के बीच कुचालक का कार्य करता है)।
  • ऊपर से जाली लगाकर खुले में रखें ताकि चंद्रमा की किरणें उस पर पड़ें।

तांबा अपने आप में जल को स्वच्छ और ऊर्जावान बनाने की क्षमता रखता है।

यदि तांबे का बर्तन न हो

अगर तांबे का बर्तन उपलब्ध न हो, तो आप काँच के बर्तन का उपयोग कर सकते हैं,
परंतु प्लास्टिक की बोतल का कभी उपयोग न करें।

आप एक प्रयोग करें —
रात में एक काँच और एक प्लास्टिक की बोतल में पानी भरकर रखें।
सुबह आप देखेंगे कि प्लास्टिक की बोतल में गंध (smell) आने लगती है।

गुनगुने पानी का प्रयोग

कुछ लोग कहते हैं कि उषा पान के लिए गुनगुना पानी लेना चाहिए,
लेकिन मेरे मतानुसार, सामान्य तापमान का पानी ही सर्वोत्तम है।

क्योंकि गुनगुने पानी की आदत शरीर को निर्भर बना देती है,
जबकि हर समय गुनगुना पानी उपलब्ध नहीं हो पाता।

हाँ, अगर सर्दी, जुकाम या खांसी हो तो उस स्थिति में गुनगुने पानी का उपयोग किया जा सकता है।

उषा पान के लाभ

उषा पान करने से हमारा पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है।
यह कब्ज, अत्यधिक अम्लता (एसिडिटी) और अपच जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।
पेट से संबंधित हर प्रकार के रोग में उषा पान लाभदायक सिद्ध होता है।

सावधानियां

  • यदि आप एक बार में अधिक पानी नहीं पी सकते,
    तो थोड़ी मात्रा से शुरू करें और धीरे-धीरे इसे बढ़ाएं।

समापन

आप सभी खुश रहें, मस्त रहें और आनंदित रहें।

योगाचार्य ढाकाराम
संस्थापक, योगापीस संस्थान

Yogacharya Dhakaram
Yogacharya Dhakaram, a beacon of yogic wisdom and well-being, invites you to explore the transformative power of yoga, nurturing body, mind, and spirit. His compassionate approach and holistic teachings guide you on a journey towards health and inner peace.