हरि ओम्, प्यारे मित्रों!आज हम बात करेंगे उस विशेष मुद्रा की, जिसे हम अक्सर “हनुमानजी जैसी छाती फुलाकर बैठना” कहते हैं। हनुमानजी का स्वरूप सदैव संयम, ऊर्जा और शारीरिक व मानसिक शक्ति का प्रतीक माना गया है। उनकी छाती विशाल, स्थिर और खुली होती है – जिसे देखकर सहज ही आत्मविश्वास, शक्ति, प्राणशक्ति और धैर्य […]