अपने नितंबों को कैसे लचीला बनाएं

हरि ओम। प्यारे मित्रों, आप सभी को हमारा सादर नमस्कार।
“एक कदम स्वास्थ्य से आनंद की ओर” कार्यक्रम में आप सभी का हार्दिक स्वागत है। आशा है आप सभी स्वस्थ, मस्त और आनंदित होंगे।
आज हम पद्मासन की चर्चा करेंगे। लगभग हर साधक की यह इच्छा होती है कि वह सहजता से पद्मासन में बैठ सके। पद्मासन लगाने के लिए सबसे पहले जोड़ों की तैयारी आवश्यक है—विशेष रूप से नितंब (हिप) के जोड़ और टखनों के जोड़। जब ये जोड़ खुले और लचीले होते हैं, तभी पद्मासन सहज बनता है।
पद्मासन का संक्षिप्त परिचय
पद्मासन लगाने के लिए दंडासन में बैठें।
दाएँ घुटने को मोड़ते हुए दाएँ पैर का पंजा बाईं जांघ पर रखें।
अब बाएँ घुटने को मोड़ते हुए बाएँ पैर का पंजा दाईं जांघ पर रखें।
इसी स्थिति को पद्मासन कहा जाता है।





नितंब (हिप) जोड़ को लचीला बनाने की पहली क्रिया
- दंडासन में बैठ जाएँ।
- दाएँ घुटने को मोड़कर दाएँ पैर का पंजा बाईं जांघ पर रखें।
- दाएँ हाथ से दाएँ घुटने के ठीक नीचे सहारा दें।
- बाएँ हाथ से दाएँ पैर के टखने और एड़ी को पकड़ें।
- अब दाएँ घुटने को पहले दाईं ओर पीछे की तरफ ले जाएँ।
- फिर दाएँ घुटने को बाईं ओर पीछे की तरफ ले जाएँ।
- अपनी क्षमता अनुसार यह क्रिया करें।
- तीन बार दाईं ओर और तीन बार बाईं ओर करें।
अब यही प्रक्रिया बाएँ पैर से दोहराएँ—
बाएँ पैर का पंजा दाईं जांघ पर रखें, बाएँ हाथ से घुटना और दाएँ हाथ से टखना-एड़ी पकड़ें।
घुटने को पहले बाईं ओर, फिर दाईं ओर पीछे की तरफ ले जाएँ।
जितनी बार दाएँ पैर से किया, उतनी ही बार बाएँ पैर से करें।
नितंब और घुटनों के लिए दूसरी क्रिया
- दाएँ पैर की एड़ी नाभि के पास रखें।
- दोनों हाथों से दाएँ घुटने को पकड़कर छाती से लगाने का प्रयास करें।
- 10–15 सेकंड छाती की ओर रोकें।
- फिर घुटने को पकड़कर ज़मीन की ओर लगाने का प्रयास करें और 10–15 सेकंड रोकें।
- इस क्रिया को तीन बार ऊपर और तीन बार नीचे करें।
अब यही प्रक्रिया बाएँ घुटने से करें—
जितनी बार दाएँ घुटने से किया है, उतनी ही बार बाएँ घुटने से दोहराएँ।






अभ्यास करते समय महत्वपूर्ण सुझाव
कई लोग इन क्रियाओं को तेज़ी से करते हैं। तेज़ करने पर क्षणिक रूप से लाभ लगता है, लेकिन धीरे, सजगता और नियंत्रण के साथ करने पर ही योगिक क्रियाओं का पूर्ण लाभ मिलता है।
इन अभ्यासों से:
- घुटनों में लचीलापन आता है
- कूल्हे के जोड़ में चिकनापन बढ़ता है
- पद्मासन सहज और स्थिर होने लगता है
लाभ
- पद्मासन लगाने से शरीर सीधा और संतुलित होता है।
- छाती खुलती है और श्वसन बेहतर होता है।
सावधानी
- सभी योगिक क्रियाएँ धीरे-धीरे, ध्यानपूर्वक और अपनी क्षमता अनुसार ही करें।
समापन
इसी के साथ आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद और आभार।
आप सभी खुश रहें, मस्त रहें और आनंदित रहें।
— योगाचार्य ढाकाराम
संस्थापक, योगापीस संस्थान









